हाई कोर्ट ने सुनी दोनों पक्षों की दलीलें, कोयला घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म

रायपुर : कोयला घोटाले मामले की जेल में बंद निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म हो चुकी है। वहीं बचाव पक्ष ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि, पिछली न्यायिक रिमांड डेट को EOW के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि, EOW ने खुद अपने प्रस्तुत पत्र में अभियुक्ता को न्यायिक रिमांड में रखने की आवश्यकता नहीं बताई। साथ ही ED के FIR और EOW की FIR में कहीं भी पद का दुरुपयोग करने का सबूत नहीं है।

वहीं बचाव पक्ष ने पिछले दिनों एक युवक कश्मीर में प्रधानमंत्री का करीब होकर घूमने का उदहारण देते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री के पद का दुरुपयोग करने वाले को गिरफ्तार किया गया न की प्रधानमंत्री को। इसके अलावा कई SC, HC की कई न्यायदृष्टांत प्रस्तुत कर जमानत का लाभ देने का अनुरोध किया। एसीबी की तरफ से डॉ. सौरभ कुमार पांडे और बचाव पक्ष से बिलासपुर HC के वकील हर्षवर्धन परघनिया,फैसल रिजवी के बीच करीब 1 घंटे तक बहस चली। जमानत याचिका को ACB/EOW की फर्स्ट ADJ की कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित।

बता दें कि कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में D ने 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे सेंट्रल जेल रायपुर में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने गलत तथ्य पेश करने पर जुर्माना भी लगाया था। इससे पहले बिलासपुर हाईकोर्ट भी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका को खारिज हो चुकी है। सौम्या चौरसिया को कोयला में अवैध लेवी मामले में गिरफ्तार किया गया है।

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