नींद, उतनी ही जरूरी है जितनी खाना या पानी. अगर, आप रोजाना 6-8 घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं तो शरीर रूपी मशीन एक समय के बाद थक जाएगी, कमजोर पड़ जाएगी या यूं कहें कि हम शारीरिक और मानसिक दोनों पर इसका असर पड़ेगा.
हमारे रोजमर्रा के जीवन पर इसका दुष्प्रभाव दिखाई देगा. इसलिए, पर्याप्त नींद लें. नींद की कमी से शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव.
वजन बढ़ना हो जाएगा शुरू
नींद पूरी नहीं होने की वजह से शरीर में हार्मोन ग्रेलिन और लेप्टिन का संतुलन बिगड़ जाता है. ग्रेलिन भूख बढ़ाने वाला हार्मोन है, जबकि लेप्टिन भूख को कम करता है. नींद की कमी से ग्रेलिन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हम ज्यादा खाना चाहते हैं और वजन बढ़ सकता है.
दिल की बीमारी होने का खतरा
नींद की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापे जैसे दिल की बीमारी के रिस्क फैक्टर बढ़ सकते हैं. इससे व्यक्ति में हार्ट अटैक के साथ स्ट्रोक का खतरा बहुत बढ़ा जाता है.
कमजोर इम्यून सिस्टम
पर्याप्त नींद नहीं होने से हमारी इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है, यानी शरीर की रोक प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती है. शरीर बीमारियों से नहीं लड़ पाता है. हम कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.
याददाश्त पर पड़ता है प्रभाव
नींद हमारे दिमाग को नई जानकारी को इकट्ठा करने और याद रखने में मदद करती है. लेकिन पूरी नींद न लेने से याददाश्त कमजोर हो सकती है. हम चीजें ज्यादा आसानी से भूल सकते हैं. इसके साथ ही सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ा सकती है. हम तनाव और चिंता महसूस कर सकते हैं. नींद की कमी से मूड स्विंग्स हो सकते हैं, जैसे- हम ज्यादा चिड़चिड़े, उदास और गुस्सा महसूस कर सकते हैं. कई बार नींद पूरी न होने की वजह से व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो जाता है.
अब सवाल यह है कि नींद पूरी करने के लिए क्या करें?
बेडरूम को आरामदायक बनाएं यानी अपने सोने के कमरे को शांत, अंधेरा और सही तापमान पर रखें. तनाव कम करने के लिए ध्यान, योग या एक्सरसाइज की मदद लें. कैफीन और अल्कोहल का सेवन न करें.अगर फिर भी समस्या है तो एक बार डॉक्टरी सलाह लें. क्योंकि अच्छी नींद ही आपको तनाव मुक्त करती है


